अव्ययीभाव समास – परिभाषा, अर्थ, भेद और उदाहरण

अव्ययीभाव समास किसे कहते है?

परिभाषा – जिस समस्त पद का पूर्व पद अव्यय या प्रधान हो उसे अव्ययीभाव समास कहते है।

सरल शब्दों में – जिस समास में पहला शब्द मुख्य होता है और पूरा समस्त पद अव्यय की तरह काम करता है, वहाँ अव्ययीभाव समास होता है।

अव्ययीभाव समास की पहचान –

  • अव्ययीभाव समास का प्रथम पद प्रधान होता है
  • अव्ययीभाव समास का प्रथम पद अव्यय होता है
  • अव्ययीभाव समास का प्रथम पद उपसर्ग होता है
  • अव्ययीभाव समास में पदों की पुनरावृत्ति होती है
  • इसमें शब्द का रूप लिंग और वचन के अनुसार नही बदलता है
  • अव्ययीभाव समास का समस्त उदाहरण अव्यय होता है

अव्ययीभाव समास में प्रायः पहला पद यथा, प्रति, आ, भर, अनु, उप, बिना, हर आदि ( उपसर्ग ) लगा होता है।

उदाहरण –

यथाशक्ति = यथा +शक्ति –   शक्ति के अनुसा

यहाँ यथा प्रथम पद है और यह उपसर्ग, प्रधान तथा अव्यय है। इसीलिए यह अव्ययीभाव समास है।

अव्ययीभाव समास के अन्य उदाहरण –

  • प्रतिदिन = प्रति + दिन –      दिन दिन 
  • आमरण = आ + मरण –       मरण तक 
  • भरपेट = भर + पेट –            पेटभर 
  • अनुरूप = अनु + रूप –       रूप के योग्य 
  • यथाक्रम = यथा + क्रम –       क्रम के अनुसार 
  • रातोंरात = रात ही रात में
  • पल-पल = हर पल 
  • धीरे – धीरे = बिल्कुल धीरे 

अव्ययीभाव समास के भेद

अव्ययीभाव समास के मुख्यतः दो भेद होते है।

  1. अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास
  2. नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास

1. अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास

परिभाषा – जिस अव्ययीभाव समास में पूर्वपद स्वयं अव्यय होता है, उसे अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास कहा जाता है।

सरल शब्दों में – जिस अव्ययीभाव समास में पहला पद अव्यय हो तथा वही पूर्वपद समस्त पद का प्रधान हो, उसे अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास कहते हैं।

उदाहरण –

यथाशक्ति

  • पूर्वपद = यथा ( अव्यय )
  • उत्तरपद = शक्ति ( संज्ञा )
  • समस्तपद = यथाशक्ति
  • विग्रह = शक्ति के अनुसार

इसमें ‘यथा’ अव्यय पूर्वपद है, इसलिए यह अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास है।

अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास के अन्य उदाहरण –

समस्त पद विग्रह अर्थ
यथाशक्ति शक्ति के अनुसार अपनी शक्ति के अनुसार
यथासंभव संभव के अनुसार जितना संभव हो
यथाक्रम क्रम के अनुसार क्रम के अनुसार
यथाविधि विधि के अनुसार विधि के अनुसार
यथासमय समय के अनुसार उचित समय पर
यथामति मति के अनुसार बुद्धि के अनुसार
यथारुचि रुचि के अनुसार अपनी रुचि के अनुसार
यथायोग्य योग्यता के अनुसार योग्यता के अनुसार
यथास्थान स्थान के अनुसार उचित स्थान पर
यथानियम नियम के अनुसार नियम के अनुसार
प्रतिदिन प्रत्येक दिन हर दिन
प्रतिक्षण प्रत्येक क्षण हर क्षण
प्रतिवर्ष प्रत्येक वर्ष हर वर्ष
प्रतिमाह प्रत्येक माह हर महीने
प्रतिदिन प्रत्येक दिन रोज
आमरण मरण तक मृत्यु तक
आजन्म जन्म से जीवनभर
आजीवन जीवन भर पूरे जीवन
भरपेट पेट भरकर पूरी तरह पेट भरकर
भरपूर पूरा-पूरा पर्याप्त मात्रा में

 

2. नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास

परिभाषा – जिस अव्ययीभाव समास में पूर्वपद नामपद अर्थात् संज्ञा हो और समस्त पद अव्यय के रूप में प्रयुक्त हो, उसे नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास कहते हैं।

उदाहरण –

हाथोंहाथ

  • विग्रह = हाथ ही हाथ में
  • वाक्य प्रयोग = उसने मेरा सामान हाथोंहाथ पहुँचा दिया।
  • अर्थ = तुरंत पहुँचा दिया

नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास के अन्य उदाहरण – 

समस्त पद विग्रह अर्थ
हाथोंहाथ हाथ ही हाथ में तुरंत
घरघर प्रत्येक घर में हर घर में
आमने-सामने आमने के सामने एक-दूसरे के सामने
दिनोंदिन दिन ही दिन में लगातार/क्रमशः
रातोंरात रात ही रात में बहुत जल्दी
पल-पल प्रत्येक पल हर पल
क्षण-क्षण प्रत्येक क्षण हर क्षण
बात-बात में प्रत्येक बात में हर बात में

अव्ययीभाव समास FAQs

प्रश्न- अव्ययीभाव समास किसे कहते है?

उत्तर- जिस समस्त पद का पूर्व पद अव्यय या प्रधान हो उसे अव्ययीभाव समास कहते है।

प्रश्न- अव्ययीभाव समास के मुख्यतः कितने भेद होते है?

उत्तर- अव्ययीभाव समास के मुख्यतः 2 भेद होते है ( 1. अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास,  2.नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास )

प्रश्न- यथाशक्ति में कौन सा समास है?

उत्तर- यथाशक्ति में अव्ययीभाव समास है, लेकिन अव्ययीभाव समास के 2 भेद होते है उनमे से यह अव्ययपदपूर्व अव्ययीभाव समास है

प्रश्न- हाथोंहाथ में कौन सा समास है?

उत्तर- हाथोंहाथ में यह अव्ययीभाव समास है, लेकिन अव्ययीभाव समास के 2 भेद होते है उनमे से यह नामपद पूर्व अव्ययीभाव समास है

प्रश्न- अव्ययीभाव समास का कौन सा पद प्रधान होता है?

उत्तर- पहला पद (पूर्व पद) प्रधान होता है।

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