विरोधाभास अलंकार किसे कहते है? विरोधाभास दो शब्द विरोध और आभास से मिलकर बना है- विरोध = विपरीतता या आपस में न मिलना आभास = दिखाई देना या प्रतीत होना अर्थात जहाँ वास्तविक विरोध न होते हुए भी विरोध दिखाई दे,...
भ्रांतिमान अलंकार किसे कहते है? भ्रांतिमान दो शब्दों भ्रांति + मान से मिलकर बना है भ्रांति = भ्रम, गलत धारणा या मिथ्या ज्ञान’ मान = मानना या समझना अर्थात् भ्रांतिमान का अर्थ है- किसी वस्तु को भ्रमवश दूसरी वस्तु समझ लेना।...
संदेह अलंकार किसे कहते है? संदेह का अर्थ है = शंका दुविधा या किसी बात के निश्चित न होने की स्थिति परिभाषा – जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति के रूप को देखकर उसके संबंध में यह निश्चित न हो सके कि...
अतिश्योक्ति अलंकार किसे कहते है? अतिश्योक्ति दो शब्द अतिशय + उक्ति से मिलकर बना है- अतिशय का अर्थ = बढ़ा – चढ़ाकर उक्ति का अर्थ = कथन परिभाषा – जब काव्य में किसी व्यक्ति, वस्तु या घटना का वर्णन बहुत अधिक...
उत्प्रेक्षा अलंकार किसे कहते है- उत्प्रेक्षा दो शब्दों से मिलकर बना है- उत् + प्रेक्षा उत् = श्रेष्ठ/विशेष रूप से प्रेक्षा = देखना अर्थात किसी वस्तु को विशेष कल्पना के साथ देखना उत्प्रेक्षा अलंकार कहलाता है – परिभाषा – जहाँ उपमान...
वक्रोक्ति अलंकार किसे कहते है- वक्रोक्ति 2 शब्दों से मिलकर बना है – वक्र + उक्ति वक्र = टेढ़ा हुआ या अप्रत्यक्ष उक्ति = कथन या बात अर्थात टेढ़े या अप्रत्यक्ष ढंग से कही गई बात को वक्रोक्ति कहते है परिभाषा...
वीप्सा अलंकार किसे कहते है? वीप्सा अलंकार को पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार के नाम से भी जाना जाता है- वीप्सा का अर्थ = बार – बार कहने की इच्छा या पुनरुक्ति की इच्छा परिभाषा – जब आदर्श, हर्ष, शोक, विस्म्यादोबोधक भावों को...
श्लेष अलंकार का अर्थ – श्लेष का सामान्य अर्थ होता है चिपकना अलंकार के सन्दर्भ में इसका अर्थ है कि एक ही शब्द में अनेक अर्थ जुड़े ( चिपके ) होते है एक शब्द – अनेक अर्थ श्लेष अलंकार किसे कहते...
यमक अलंकार का अर्थ- यमक शब्द का अर्थ है = युग्म, जोड़ा या दोहराव यमक अलंकार में एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आता है और प्रत्येक बार उसके अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। यमक अलंकार किसे...
रूपक अलंकार किसे कहते है? परिभाषा – जहाँ पर उपमेय और उपमान में कोई अंतर न दिखाई दे, वहाँ रूपक अलंकर होता है। सरल शब्दों में – जब किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान को उसके समान न बताकर सीधा वही व्यक्ति...