अन्योक्ति अलंकार किसे कहते है? अर्थ, परिभाषा और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण
अन्योक्ति अलंकार किसे कहते है-
अन्योक्ति दो शब्दों अन्य + उक्ति से मिलकर बना है।
- अन्य का अर्थ = दूसरा
- उक्ति का अर्थ = कथन
परिभाषा – जहाँ किसी की उक्ति ( कथन या बात ) के माध्यम से किसी अन्य को कोई बात कही जाए वहाँ अन्योक्ति अलंकार होता है।
सरल शब्दों में – जब किसी बात को सीधे न कहकर किसी दूसरी बात के माध्यम से कहा जाता है और उससे वास्तविक बात का संकेत मिलता है, तो उसे अन्योक्ति अलंकार कहते हैं।
- इस अलंकार को बनाने के लिए कुछ प्रतीक चिह्नों का प्रयोग किया जाता है
- फूल, कली, माली, गुलाब, काँटा, डाली, अलि ( भौंरा ), पक्षी आदि, इन प्रतीक चिह्नों के बिना अन्योक्ति अलंकार का निर्माण नही किया जा सकता।
उदाहरण-
माली आवत देखकर, कलियाँ करें पुकार।
फूले-फूले चुन लिए, काल्हि हमारी बार॥
इस वाक्य में ऊपर से देखने पर माली और कलियों की बात हो रही है लेकिन वास्तव में संकेत मनुष्य और मृत्यु की ओर है।
- माली = मृत्यु/काल का संकेत
- कलियाँ = मनुष्यों का संकेत
- फूलों का चुन लिया जाना = मृत्यु का संकेत
इसीलिए यहाँ अन्योक्ति अलंकार है
अन्योक्ति अलंकार की विशेषताएँ-
- इसमें बात को सीधे न कहकर किसी दूसरी वस्तु, व्यक्ति या घटना के माध्यम से कहा जाता है
- इसमें प्रस्तुत के माध्यम से अप्रस्तुतु का बोध कराया जाता है
- इसमें कथन का वास्तविक अर्थ सीधे दिखाई नही देता, बल्कि संकेत के माध्यम से समझ में आता है
- कवि अपने वास्तविक उद्देश्य को व्यक्त करने के लिए किसी दूसरी वस्तु या व्यक्ति का सहारा लेता है
- इसमें सामान्य कथन के पीछे दूसरा गहरा या छिपा हुआ अर्थ होता है
- निर्जीव वस्तुओं, पशु-पक्षियों, फूलों आदि के माध्यम से मानवीय भावों को व्यक्त करने से कथन प्रभावशाली बनता है
- निर्जीव वस्तुओं, पशु-पक्षियों, फूलों आदि के माध्यम से मानवीय भावों को व्यक्त करने से कथन प्रभावशाली बनता है
अन्योक्ति अलंकार के महत्वपूर्ण उदाहरण-
- दीपक जलता रात भर, तेल रहा जब साथ।
तेल हुआ जब समाप्त, बुझ गई उसकी बात॥
- बगिया के फूलों को, माली रोज सँवार।
आज खिले जो फूल हैं, कल होंगे बेकार॥
- सूरज ढलता देखकर, पंछी लौटे घोंस।
दिनभर उड़ते रह गए, अब न बचा कुछ जोश॥
- नदी चली सागर मिले, पीछे छूटा गाँव।
बहता पानी कह गया, रुकता नहीं है पाँव॥
- सूखे पत्ते कह रहे, पेड़ रहे मत मान।
आज हरे हैं डाल पर, कल होगा अवसान॥
- सूरज निकला देखकर, कमल गया मुस्काय।
सूरज ढलते ही मगर, कमल गया मुरझाय॥
- बादल आए देखकर, धरती लगी पुकार।
बरस गए तो हरियाली, न बरसे तो मार॥
- पत्ता बोला डाल से, कब तक तेरा साथ?
पतझड़ आते ही मुझे, छोड़ देगी यह शाख॥
- तालाब में कमल खिला, सूरज संग मुस्काय।
रात हुई तो बंद हुआ, प्रभात फिर खिल जाए॥
- बुलबुल बैठी डाल पर, गाती मधुर राग।
शिकारी आया चुपके से, टूट गया अनुराग॥
- कच्ची डोरी बाँधकर, नाव चली मझधार।
पहली लहर में टूट गई, किसका था आधार॥
- कच्ची डोरी बाँधकर, नाव चली मझधार।
पहली लहर में टूट गई, किसका था आधार॥
- बाग में जितने फूल थे, सब पर था अभिमान।
ऋतु बदली, फूल झरे, बदल गया सम्मान॥
अन्योक्ति अलंकार और दृष्टान्त अलंकार में अंतर-
अन्योक्ति और दृष्टान्त अलंकार दोनों में अप्रत्यक्ष रूप से अर्थ प्रकट हो सकता है, इसलिए कई बार इनमें भ्रम हो जाता है। लेकिन दोनों का आधार अलग है।
| आधार | अन्योक्ति अलंकार | दृष्टान्त अलंकार |
|---|---|---|
| अर्थ | अन्य के माध्यम से किसी दूसरे का कथन करना | किसी कथन को उदाहरण देकर स्पष्ट करना |
| मुख्य आधार | प्रस्तुत के माध्यम से अप्रस्तुत का बोध | बिंब-प्रतिबिंब या समानता |
| कथन का उद्देश्य | वास्तविक विषय को अप्रत्यक्ष रूप से बताना | किसी बात को उदाहरण द्वारा स्पष्ट या पुष्ट करना |
| संकेत | किसी अन्य व्यक्ति/वस्तु के माध्यम से वास्तविक विषय का संकेत होता है | उदाहरण और मुख्य कथन में समान भाव या समानता दिखाई जाती है |
| प्रस्तुत-अप्रस्तुत | इसका होना प्रमुख है | इसका होना आवश्यक नहीं है |
| पहचान | “कहा किसी और के बारे में, संकेत किसी और का” | “पहली बात जैसी दूसरी बात का उदाहरण” |
अन्योक्ति अलंकार के उदाहरण –
माली आवत देखकर, कलियाँ करें पुकार।
फूले-फूले चुन लिए, काल्हि हमारी बार॥
यहाँ कलियों और माली की बात की गई है, लेकिन संकेत मनुष्य और मृत्यु की ओर है। अर्थात् प्रस्तुत के माध्यम से अप्रस्तुत का बोध कराया गया है।
दृष्टान्त अलंकार के उदाहरण-
जैसे दीपक तेल से, करता जग उजियार।
वैसे ही सत्कर्म से, मानव का उद्धार॥
यहाँ दीपक के प्रकाश और सत्कर्म से जीवन के उज्ज्वल होने में समानता दिखाई गई है। पहली बात दूसरी बात को स्पष्ट करने का उदाहरण बनती है।
अन्योक्ति अलंकार FAQs-
अन्योक्ति अलंकार किसे कहते है?
किसी और की बात कहकर किसी दूसरे के बारे में संकेत करना, अन्योक्ति अलंकार कहलाता है
अन्योक्ति का अर्थ क्या है?
अन्योक्ति दो शब्दों अन्य + उक्ति से मिलकर बना है। अन्य का अर्थ है दूसरा और उक्ति का अर्थ है कथन
