परिभाषा– जिन अव्यय शब्दों से मन के भाव जैसे खुशी, दुख, आश्चर्य, डर, घृणा आदि प्रकट होते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं। विस्मयादिबोधक अव्यय के बाद अक्सर ( ! ) विस्मयादिबोधक चिह्न लगाया जाता है। उदाहरण – अरे! तुम यहाँ...
परिभाषा – जो अव्यय शब्द वाक्य में किसी संज्ञा सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ बताते है उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते है। जैसे – अंदर, बहार, दूर, पास, आगे, पीछे बिना, ऊपर, नीचे आदि। संबंधबोधक अव्यय के उदाहरण...
वर्तमान काल परिभाषा क्रिया के जिस रूप से वर्तमान समय में कार्य के होने या जारी रहने का बोध हो, उसे वर्तमान काल कहते हैं। उदाहरण – राम स्कूल जाता है। सीता खाना बनाती है। बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।...
वचन किसे कहते है? शब्द के जिस रूप से एक या एक से अधिक व्यक्ति, वस्तु या प्राणी का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं। हिन्दी में सामान्यतः दो वचन होते है वचन के प्रकार 1 . एकवचन 2 ....
द्वंद्व समास किसे कहते है? जिस समस्त पद का दोनों पद प्रधान हो तथा विग्रह करने पर और अथवा या आता हो वहाँ द्वंद्व समास होता है | द्वंद्व समास के दोनों पदों में प्रायः योजक चिह्न का प्रयोग होता है...
लिंग – परिभाषा संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की नर या मादा जाति का बोध होता है उसे व्याकरण में लिंग कहते है | लिंग का निर्धारण संज्ञा के आधार पर होता है | लिंग संस्कृत भाषा का...
कारक की परिभाषा संज्ञा व सर्वनाम के जिस रूप से उनका क्रिया से सम्बन्ध होता है उसे कारक कहते है | कारक कृ धातु + अक प्रत्यय से बना है | कारक के बोध के लिए जो प्रत्यय लगाये जाते है...