Category: हिन्दी व्याकरण

प्रत्यय किसे कहते है? परिभाषा, भेद और उदाहरण

प्रत्यय किसे कहते है- परिभाषा – वे शब्दांश जो किसी मूल शब्द के अंत (पीछे) में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं। उन्हें प्रत्यय कहते है। सरल शब्दों में – जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़ता...

उपसर्ग किसे कहते है – परिभाषा, भेद, उपयोग और उदाहरण

उपसर्ग किसे कहते है? उपसर्ग शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- उप + सर्ग उप = समीप/पास सर्ग = जोड़ना/सृष्टि करना अर्थात् जो शब्द के पहले जुड़ता है, उसे उपसर्ग कहा जाता है। परिभाषा– उपसर्ग वह शब्दांश या अव्यय है...

द्विगु समास – परिभाषा, भेद और उदाहरण, Dvigu Samas

द्विगु समास किसे कहते है परिभाषा – जिस समास में पहला पद संख्यावाचक होता है और पूरे समस्त पद से समूह या समुदाय का बोध होता है, उसे द्विगु समास कहते है। सरल शब्दों में -जिस समस्त पद का पहला संख्या...

अव्ययीभाव समास – परिभाषा, अर्थ, भेद और उदाहरण

अव्ययीभाव समास किसे कहते है? परिभाषा – जिस समस्त पद का पूर्व पद अव्यय या प्रधान हो उसे अव्ययीभाव समास कहते है। सरल शब्दों में – जिस समास में पहला शब्द मुख्य होता है और पूरा समस्त पद अव्यय की तरह...

बहुव्रीहि समास – परिभाषा, प्रकार, उदहारण और उपयोग

बहुव्रीहि समास किसे कहते है? परिभाषा – जिन समस्त पदों में कोई पद प्रधान न हो तथा दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की ओर विशेष रूप से संकेत करते है, उन्हें बहुव्रीहि समास कहते है। आसान शब्दों में – जिस...

कर्मधारय समास- परिभाषा, प्रकार और उदाहरण

कर्मधारय समास किसे कहते है? परिभाषा – जिस समास में पूर्वपद और उत्तरपद में से उत्तरपद प्रधान होता है, तथा पूर्वपद उत्तरपद की विशेषता, उपमा या पहचान बताता है उसे कर्मधारय समास कहते है। आसान शब्दों में – जिस समास में...

कर्मवाच्य किसे कहते हैं? परिभाषा, अर्थ, पहचान और उदाहरण, हिंदी व्याकरण

परिभाषा – जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है और क्रिया के द्वारा कर्म पर होने वाले कार्य का बोध होता है, उसे कर्मवाच्य कहते है। सरल शब्दों में कहें तो जिस वाक्य में काम करने वाले कर्ता की अपेक्षा...

भाववाच्य किसे कहते हैं? परिभाषा, अर्थ, भेद और उदाहरण, हिंदी व्याकरण

भाववाच्य किसे कहते है? परिभाषा – जिस वाक्य में कर्ता या कर्म की प्रधानता न होकर क्रिया के भाव की प्रधानता हो उसे भाववाच्य कहते है। अर्थात जिस वाक्य में किसी कार्य के होने, न होने, करने या न कर पाने...

कर्तृवाच्य किसे कहते है? अर्थ, परिभाषा और उदाहरण

कर्तृवाच्य किसे कहते है? परिभाषा – जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है और क्रिया के द्वारा कर्ता के कार्य करने का बोध होता है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। सरल शब्दों में – जिस वाक्य में कर्ता प्रधान होता है...

समुच्चयबोधक किसे कहते है? परिभाषा, भेद और उदाहरण

परिभाषा – समुच्चयबोधक वे अव्यय शब्द है जो शब्दों, वाक्यों तथा वाक्यांशों को जोड़ने का काम करते है उन्हें समुच्चयबोधक अव्यय कहते है। जैसे – और, तथा, एवं, या, अथवा, लेकिन, किंतु, परंतु, बल्कि, क्योंकि, इसलिए, अतः, यदि, तो, ताकि, जब,...