उपमा अलंकार किसे कहते है? परिभाषा, भेद और उदाहरण

उपमा अलंकार का अर्थ

उपमा अलंकार दो शब्दों उप + मा से मिलकर बना है,

  • उप = समीप
  • मा = मापन /तुलना करना

उपमा का अर्थ है दो वस्तुओं अथवा व्यक्तियों को समीप रखकर तुलना करना,

अर्थात जब किसी वस्तु की विशेषता समझाने के लिए उसकी तुलना किसी दूसरी वस्तु से की जाती है, तो वहाँ उपमा अलंकार होता है।

जैसे- मुख चन्द्रमा के समान सुन्दर है 

यहाँ मुख की सुन्दरता बताने के लिए उसकी तुलना चन्द्रमा से की गई है

उपमा अलंकार किसे कहते है-

परिभाषा – जहाँ किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव की किसी दूसरे प्रसिद्ध व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव से समानता बताई जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है।

सरल शब्दों में – वह अलंकार जिसमे उपमेय की तुलना उपमान से की जाए, वहाँ उपमा अलंकार होता है।

  • उपमा अलंकार को प्रतीप अलंकार का उल्टा ( विपरीत ) माना जाता है
  • उपमा अलंकार का सम्राट महाकवि कालिदास को कहा जाता है

उदाहरण – 

  • सीता का मुख कमल के समान सुंदर है।
  • वीर योद्धा सिंह के समान पराक्रमी है।
  • बालक का मन दर्पण के समान निर्मल है।

उपमा अलंकार के अंग-

उपमा अलंकार के चार ( 4 ) अंग होते है-

1. उपमेय – जिसकी उपमा दी जाए अर्थात जिसकी तुलना की जाए उसे उपमेय कहते है।

  • ज्यादातर पास की वस्तुएँ उपमेय होती है
  • ये शरीर से संबंधित होती है
  • इसमें काल्पनिक गुण होते है

2. उपमान – जिससे उपमा दी जाए अर्थात जिससे तुलना की जाए उसे उपमान कहते है।

  • ज्यादातर दूर की वस्तुएँ उपमान होती है
  • ये प्रकृति से संबंधित होते है
  • इसमें वास्तविक गुण होता है

3. साधारण धर्म – दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच समानता दिखाने के लिए जिस गुण या धर्म की सहायता ली जाती है, या जो गुण या धर्म दोनों में विद्यमान हो, उसे साधारण धर्म कहते है।

4. वाचक शब्द –  उपमेय और उपमान में समानता या तुलना प्रकट करने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उसे वाचक शब्द कहते है।  जैसे – सा, सी, से, जैसा, जैसी, जैसे, सरिस, सम, मानों, जानो, मनहुँ, जनहुँ, निश्चय, यह, वह, वही, जो, कौन, के समान, के जैसा आदि

उपमा अलंकार के भेद-

उपमा अलंकार के तीन ( 3 ) भेद होते है।

  1. पूर्णोपमा अलंकार 
  2. लुप्तोपमा अलंकार 
  3. मालोपमा अलंकार 

1. पूर्णोपमा अलंकार- 

परिभाषा – जब वाक्य में उपमा अलंकार के चारो अंग उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म उपस्थित रहते है तो उसे पूर्णोपमा अलंकार कहते है।

उदाहरण –

बालक सिंह के सामान वीर है 

  • उपमेय = बालक
  • उपमान = सिंह
  • वाचक शब्द = के समान
  • साधारण धर्म = वीरता

इस वाक्य में उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म सभी उपस्थित है, इसीलिए यह पूर्णोपमा अलंकार है

पूर्णोपमा अलंकार के अन्य उदाहरण – 

  • उसकी वाणी कोयल जैसी मधुर है।
  • उसका हृदय सागर के समान विशाल है।
  • उसके दाँत मोती के समान चमकीले हैं।
  • वीर सैनिक सिंह के समान साहसी है।

2. लुप्तोपमा अलंकार-

परिभाषा – जब वाक्य में उपमा अलंकार के चारो अंग ( उपमेय, उपमान, वाचक शब्द, साधारण धर्म ) में से किसी एक की कमी रहती है, तो वहाँ लुप्तोपमा अलंकार होता है।

  • जिस उपमा में चारों अंगों में से कोई अंग स्पष्ट रूप से दिखाई न दे, उसे लुप्तोपमा कहते हैं।

उदाहरण

मखमल के झूले पड़े, हाथी सा टीला 

  • उपमेय = टीला
  • उपमान = हाथी
  • वाचक शब्द = सा
  • साधारण धर्म = इसमें नही है

इस वाक्य में साधारण धर्म के आभाव होने के कारण यह लुप्तोपमा अलंकार है

लुप्तोपमा अलंकार के अन्य उदाहरण – 

  • उसका मुख चाँद-सा है।
  • उसकी आँखें कमल-सी।
  • उसके दाँत मोती जैसे हैं।
  • उसकी चाल हिरनी-सी है।

3. मालोपमा अलंकार- 

परिभाषा – यदि एक उपमेय के लिए एक से अधिक उपमान आ जाये या किसी एक उपमेय की एक से अधिक उपमान के साथ तुलना करा दी जाए तो वहाँ मालोपमा अलंकार होता है।

  • जहाँ एक ही उपमेय की तुलना एक साथ अनेक उपमानों से की जाती है, वहाँ मालोपमा अलंकार होता है।

पहचान – एक उपमेय + अनेक उपमान = मालोपमा

उदाहरण –

उसका मुख चंद्रमा, कमल और दर्पण के समान सुंदर है।

  • उपमेय = मुख
  • उपमान = चंद्रमा, कमल, दर्पण
  • वाचक शब्द = के समान
  • साधारण धर्म = सुन्दरता

इस वाक्य में एक उपमेय की तुलना अनेक उपमानो से की गई है, इसीलिए यह मालोपमा अलंकार है

मालोपमा अलंकार के अन्य उदाहरण – 

  • उसका मुख चंद्रमा, कमल और फूल के समान सुंदर है।
  • उसकी आँखें कमल, मृग और मीन के समान सुंदर हैं।
  • उसकी वाणी कोयल, वीणा और बाँसुरी के समान मधुर है।
  • उसका हृदय सागर, आकाश और पर्वत के समान विशाल है।
  • उसकी चाल हिरनी, मयूरी और हंसिनी के समान मनोहर है।

उपमा अलंकार FAQs-

प्रश्न- उपमा अलंकार किसे कहते है?

उत्तर- वह अलंकार जिसमे उपमेय की तुलना उपमान से की जाए, उसे उपमा अलंकार कहते है

प्रश्न- उपमा अलंकार का सम्राट किसे कहा जाता है?

उत्तर- महाकवि कालिदास

प्रश्न- उपमा अलंकार के कितने अंग होते है?

उत्तर- 4 अंग ( उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म )

प्रश्न- पूर्णोपमा अलंकार किसे कहते है?

उत्तर- जब वाक्य में उपमा अलंकार के चारो अंग उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म उपस्थित रहते है तो उसे पूर्णोपमा अलंकार कहते है।

प्रश्न- उपमा अलंकार के कितने भेद होते है?

उत्तर- उपमा अलंकार के 3 भेद होते है

प्रश्न- उपमा अलंकार को किस अलंकार का उल्टा ( विपरीत ) माना जाता है?

उत्तर- प्रतीप अलंकार का

 

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