भारत का सबसे बड़ा तिरंगा झंडा कहा पर लगा है? Know its Location
भारतीय तिरंगा देश की शान और स्वतंत्रता का प्रतीक है | हर भारतीय की भावना तिरेंगे से जुडी होती है, तिरंगे का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य होता है | भारत के हर राज्य में कहीं न कही ऊँचे तिरंगे को लहराते हुआ तो आपने देखा ही होगा लेकिन मन में एक सवाल आता है कि आखिर भारत में सबसे ऊँचा तिरंगा कहां पर लगाया गया है तो चलिए हम आपको बताते है की भारत का सबसे ऊँचा तिरंगा कहां पर लगा है और उसकी ऊंचाई कितनी है |
भारत का सबसे बड़ा तिरंगा झंडा कहा पर लगा है?
आपको बता दें कि वर्तमान समय में भारत के पंजाब राज्य में सबसे ऊंचा तिरंगा फहरा रहा है, यह पंजाब राज्य के अटारी-वाघा बॉर्डर (अमृतसर) पर स्थापित किया गया है। जिसकी ऊंचाई 418 फीट है, इसे अक्टूबर 2023 में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत राम और केन्द्रीय मंत्री नितिन जयराम गडकरी के द्वारा फहराया गया था |

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास
सबसे पहले भारतीय ध्वज को वर्ष 1906 कोलकाता में फहराया गया था उस समय यह ध्वज तीन रंग ( लाल , पीला और हरा ) का था और बीच में वन्दे मातरम लिखा हुआ था, इसके बाद वर्ष 1921 में विजयवाड़ा में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन के दौरान पिंगली वेंकैया ने गांधी जी को एक नया झंडा सौपा था इस झंडे में केवल दो ही रंग थे लाल और हरा तथा बीच में एक चरखा लगा हुआ था, पिंगली वेंकैया को ही भारत के राष्ट्रीय ध्वज का मूल डिजाइनर माना जाता है |
लाल रंग हिन्दुओ को और हरा रंग मुसलमानो का प्रतिनिधित्व करता था लेकिंन गांधी जी के सुझाव से इसमें देश के अन्य समुदायों के लिए बीच में एक सफ़ेद रंग की पट्टी जोड़ी गई। गांधी जी का मानना था कि सभी समुदायों को एक साथ लेकर चलना चाहिए तथा देश को आजादी दिलाने के लिए सभी समुदायों को एक साथ कंधे से कन्धा मिलकर चलना होगा।
इसके बाद वर्ष 1931 में एक ऐतिहासिक बदलाव के हुआ जिसमे तिरंगे के रंग में कुछ परिवर्तन किया गया, सबसे ऊपर केसरिया रंग बीच में सफ़ेद रंग और सबसे नीचे हरा रंग तथा मध्य में चरखा रखा गया, इस तिरंगे को आधिकारिक रूप से कांग्रेस के द्वारा अपनाया गया था |
अंतिम रूप से भारत की स्वतंत्रता से कुछ समय पहले 22 जुलाई 1947 को भारतीय संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप को अपनाया जिसमे चरखे के स्थान पर सफेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र बनाया गया और यही संविधान सभा द्वारा अंतिम रूप से स्वीकार किया गया | स्वतंत्र भारत में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज को 15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रिंसेस पार्क में फहराया था |
भारत के राष्ट्रीय ध्वज का महत्त्व
22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज को अंतिम रूप से स्वीकार किया जिसमे तीन रंग ( केसरिया, सफ़ेद और हरा ) था और साथ में तिरेंगे के बीच सारनाथ के अशोक स्तंभ से अशोक चक्र लिया गया है, तो आइये जानते है की तिरंगे में इन सभी का महत्त्व क्या है ?
1. तिरंगे में केसरिया रंग – तिरंगे में केसरिया रंग साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है, यह देश के लिए शहीद हुए वीरों के बलिदानो को दर्शाता है |
2. तिरंगे में सफ़ेद रंग – तिरंगे में सफ़ेद रंग शांति, सत्य और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, यह ईमानदारी और स्वच्छ विचारों के साथ जीने की प्रेरणा देता है।
3. तिरंगे में केसरिया रंग – तिरंगे में केसरिया रंग देश की समृद्धि, विकास और धरती की उर्वरता का प्रतीक माना जाता है साथ ही यह कृषि और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है |
4 . तिरंगे में अशोक चक्र महत्त्व – यह सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है जिसमे कुल 24 तीलियाँ है जो निरंतर गति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है | 24 तीलियाँ दिन-रात के 24 घंटों का संकेत देती हैं, जो यह सिखाती हैं कि देश और व्यक्ति को बिना रुके हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए |
भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अनुपात
राष्ट्रीय ध्वज को भारतीय संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था तथा राष्ट्रीय ध्वज को स्वतंत्र भारत में पहली बार 15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा फहराया गया था| भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का आधिकारिक अनुपात 3:2 है होता है इसका अर्थ है कि ध्वज की लंबाई हमेशा तीन भाग और चौड़ाई (ऊंचाई) हमेशा दो भाग होती है। उदाहरण के लिए अगर ध्वज की लम्बाई 6 फीट है तो चौड़ाई (ऊंचाई) 4 फीट होनी चाहिए| भारत के ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होना चाहिए।
भारत के राष्ट्रीय ध्वज – FAQs
प्रश्न- संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज को आधिकारिक रूप से कब अपनाया गया था ?
उत्तर- 22 जुलाई 1947 को
प्रश्न- स्वतंत्र भारत में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज को कब फहराया गया था?
उत्तर- 15 अगस्त 1947 को
प्रश्न- भारत के राष्ट्रीय ध्वज का मूल डिजाइन किसने तैयार किया था?
उत्तर- पिंगली वेंकैया
प्रश्न- भारत के राष्ट्रीय ध्वज का अनुपात कितना है?
उत्तर- 3:2
प्रश्न- भारत के राष्ट्रीय ध्वज में जो अशोक चक्र है उसमे कितनी तीलियाँ है?
उत्तर- 24 तीलियाँ
प्रश्न- राष्ट्रीय ध्वज में लगे अशोक चक्र को कहां से लिया गया है?
उत्तर- सारनाथ ( वाराणसी ) उत्तर प्रदेश
