विरोधाभास अलंकार किसे कहते है? अर्थ, परिभाषा, और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण

विरोधाभास अलंकार किसे कहते है?

विरोधाभास दो शब्द विरोध और आभास से मिलकर बना है-

  • विरोध = विपरीतता या आपस में न मिलना
  • आभास = दिखाई देना या प्रतीत होना

अर्थात जहाँ वास्तविक विरोध न होते हुए भी विरोध दिखाई दे, वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है

परिभाषा – जहाँ किसी कथन में वास्तविक विरोध न होते हुए भी दो पदार्थों, गुणों या क्रियाओं में परस्पर विरोध का आभास हो, वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है।

सरल शब्दों में – जब किसी कथन में दो बातें देखने में एक-दूसरे के विपरीत लगें, लेकिन वास्तव में उनमें विरोध न हो, तो वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है।

उदाहरण – 

मीठी-मीठी बातें उसकी, मन में दर्द जगाती हैं।

इस वाक्य में मीठी बातें सामान्यतः सुख देने वाली होती हैं, लेकिन यहाँ वे दर्द पैदा कर रही हैं। पहली दृष्टि में विरोध दिखाई देता है, इसलिए विरोधाभास अलंकार है।

विरोधाभास अलंकार की विशेषताएँ-

  • विरोधाभास अलंकार अर्थालंकार के अंतर्गत आता है, क्योंकि इसमें चमत्कार अर्थ के कारण उत्पन्न होता है।
  • इसमें कथन में दो बातें एक-दूसरे के विपरीत दिखाई देती हैं, लेकिन वास्तव में उनमें विरोध नहीं होता।
  • इसका सबसे प्रमुख गुण यह है कि विरोध केवल दिखाई देता है, वास्तविक रूप से होता नहीं है।
  • इसमें प्रायः सुख-दुःख, जीवन-मृत्यु, पास-दूर, हँसी-आँसू, प्रकाश-अंधकार आदि विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • पहली दृष्टि में कथन असंगत या असंभव लगता है, लेकिन विचार करने पर उसका उचित और सार्थक अर्थ निकलता है।
  • विरोध का आभास होने के कारण कथन में रोचकता, प्रभाव और काव्य-सौंदर्य उत्पन्न होता है।
  • कथन को ध्यान से समझने पर पता चलता है कि दोनों बातें वास्तव में एक साथ संभव हैं।

विरोधाभास अलंकार के उदाहरण-

  • शीतल अग्नि जलाती है।
  • हँसते-हँसते आँखों से आँसू बह निकले।
  • उसकी मौन वाणी सब कुछ कह गई।
  • वह दूर रहकर भी मेरे बहुत पास है।
  • जितना बाँटता गया, उतना ही बढ़ता गया।
  • मौन उसकी वाणी सब कुछ कह गई।
  • हँसते-हँसते आँखों से आँसू बहने लगे।
  • दुःख में भी उसके चेहरे पर सुख की मुस्कान थी।
  • जितना ज्ञान बाँटता गया, उतना ही बढ़ता गया।
  • जलती अग्नि शीतल लगती है।
  • विरह में मिलन का आनंद मिलने लगा।
  • हारकर भी वह जीवन की सबसे बड़ी जीत जीत गया।
  • अंधकार ने प्रकाश का मार्ग दिखाया।
  • उसकी कठोर बातों में भी प्रेम छिपा था।
  • आँसू उसकी खुशी की कहानी कह रहे थे।
  • वह अकेला था, फिर भी पूरी दुनिया उसके साथ थी।
  • मृत्यु ने उसे अमर कर दिया।
  • बिछुड़कर भी दोनों के हृदय मिल गए।
  • गरीबी में भी उसके जीवन में खुशियों की कमी नहीं थी।

विरोधाभास अलंकार और विभावना अलंकार में अंतर-

विरोधाभास में वास्तविक विरोध न होते हुए भी विरोध दिखाई देता है, जबकि विभावना में कारण के अभाव में भी कार्य का होना बताया जाता है।

आधार विरोधाभास अलंकार विभावना अलंकार
अर्थ जहाँ वास्तविक विरोध न होते हुए भी विरोध का आभास हो। जहाँ कारण के बिना कार्य का होना बताया जाए।
मुख्य आधार विरोध का आभास कारण का अभाव
स्थिति दो बातें परस्पर विरोधी प्रतीत होती हैं। कार्य तो होता है, लेकिन उसका सामान्य कारण मौजूद नहीं होता।
मुख्य भाव “विरोध जैसा दिखाई देता है।” “बिना कारण के भी कार्य हो गया।”
कारण-कार्य संबंध कारण-कार्य का होना आवश्यक नहीं। कारण और कार्य का संबंध मुख्य होता है।
पहचान विपरीत बातें एक साथ दिखाई देती हैं, लेकिन उनका अर्थ संभव होता है। कार्य का कारण न होने पर भी कार्य होना बताया जाता है।
उदाहरण “दूर होकर भी वह मेरे पास है।” “बिन पैरों के वह दूर चला गया।”
 

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