भविष्य काल – परिभाषा, भेद और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण

भविष्य काल किसे कहते है?

परिभाषा – क्रिया के जिस रूप से आने वाले समय में किसी कार्य के होने या किए जाने का बोध हो, उसे भविष्य काल कहते हैं।

सरल शब्दों में – जिस कार्य का अभी होना बाकी है और वह आने वाले समय में होगा वहाँ भविष्य काल होता है।

  • भविष्य काल के वाक्यों के अंत में गा, गी, गे इत्यादि शब्द आते है।

उदाहरण –

  • राम कल विद्यालय जाएगा।
  • सीता परीक्षा देगी।
  • मोहन अगले सप्ताह दिल्ली जाएगा।
  • बच्चे कल मैदान में खेलेंगे।
  • मैं शाम को बाजार जाऊँगा।

इन सभी वाक्यों में कार्य भविष्य में होने वाला है, इसीलिए इसमें भविष्य काल है

भविष्य काल के भेद-

हिंदी व्याकरण में सामान्यतः भविष्य काल के तीन ( 3 ) भेद होते है

  1. सामान्य भविष्य काल 
  2. संभाव्य भविष्य काल
  3. हेतुहेतुमद् भविष्य काल 

1. सामान्य भविष्य-

परिभाषा – क्रिया के जिस रूप से भविष्य में किसी कार्य के सामान्य रूप से होने या किए जाने का बोध हो, उसे सामान्य भविष्य काल कहते हैं।

अर्थात जब कोई काम वर्तमान समय में नही हुआ है, बल्कि आने वाले समय में सामान्य रूप से होने वाला है तब वहाँ सामान्य भविष्य काल होता है।

आने वाला समय + सामान्य कार्य = सामान्य भविष्य काल

सामान्य भविष्य काल की मुख्य विशेषताएँ-

  • कार्य भविष्य में होने वाला होता है
  • इसमें किसी कार्य के भविष्य में होने की सामान्य सूचना मिलती है
  • इसमें किसी दूसरी क्रिया पर कार्य का निर्भर होना आवश्यक नही है
  • इसमें कल, अगले सप्ताह, अगले महीने, अगले वर्ष, शीघ्र आदि शब्द आ सकते है

उदाहरण – 

सोहन कल विद्यालय जायेगा 

यहाँ सोहन का विद्यालय जाना अभी नहीं हुआ है। वह भविष्य में विद्यालय जाएगा। इसलिए जाएगा सामान्य भविष्यत् काल की क्रिया है।

सामान्य भविष्य काल के अन्य उदाहरण- 

  • राम कल क्रिकेट खेलने जायेगा।
  • सीता परीक्षा देगी।
  • मोहन अगले सप्ताह दिल्ली जाएगा।
  • मैं शाम को बाजार जाऊँगा।
  • हम कल क्रिकेट खेलेंगे।

2. संभाव्य भविष्य काल-

परिभाषा – क्रिया के जिस रूप से भविष्य में किसी कार्य के होने की संभावना, आशंका या अनुमान का बोध हो, उसे संभाव्य भविष्य काल कहते हैं।

सरल शब्दों में – जब किसी आने वाले कार्य के बारे में पक्का विश्वास न हो, बल्कि यह कहा जाए कि शायद कार्य हो सकता है तब वहाँ संभाव्य भविष्य काल होता है।

भविष्य में कार्य शायद/संभवतः होगा = संभाव्य भविष्यत् काल

संभाव्य भविष्य काल की मुख्य विशेषताएँ-

  • भविष्य में होने वाली क्रिया निश्चित नहीं होती, बल्कि उसके होने की संभावना व्यक्त की जाती है।
  • इन वाक्यों की शुरुआत या प्रयोग अक्सर शायद, संभवतः, हो सकता ह’ या संभव है जैसे शब्दों के साथ होता है।
  • इसमें वक्ता को क्रिया के पूरे होने पर 100% निश्चितता नहीं होती है, केवल अनुमान लगाया जाता है।

उदाहरण – 

शायद राहुल कल क्रिकेट खेलने जाए

यहाँ राहुल के क्रिकेट खेलने की केवल संभावना है, इसीलिए यह संभाव्य भविष्य काल है

संभाव्य भविष्य काल के अन्य उदाहरण – 

  • शायद राम कल विद्यालय जाए।
  • संभव है कि सीता परीक्षा में सफल हो।
  • शायद कल वर्षा हो।
  • लगता है कि मोहन अगले सप्ताह दिल्ली जाए।
  • शायद बच्चे कल मैदान में खेलें।

3. हेतुहेतुमद् भविष्य काल-

परिभाषा – क्रिया के जिस रूप से भविष्य में किसी एक कार्य के होने पर दूसरे कार्य के होने का बोध हो, उसे हेतुहेतुमद् भविष्य काल कहते हैं। इसमें एक कार्य शर्त (हेतु) होता है और उसके परिणामस्वरूप दूसरा कार्य होता है।

सरल शब्दों में – यदि/जब एक काम होगा, तभी दूसरा काम होगा तो ऐसे भाव को हेतुहेतुमद् भविष्य काल कहते हैं।

भविष्य में एक काम होगा तभी दूसरा काम होगा का भाव = हेतुहेतुमद् भविष्य काल।

हेतुहेतुमद् भविष्य काल की मुख्य विशेषताएँ –

  • इसमें भविष्य में होने वाली क्रियाओं का उल्लेख होता है
  • सामान्यतः इसमें दो क्रियाएँ होती है
  • एक क्रिया दूसरी क्रिया की शर्त, कारण या आधार होती है
  • दोनों क्रियाओं का सम्बन्ध कारण और परिणाम से होता है
  • प्रायः यदि–तो, जब–तब, जो–तो, जहाँ–वहाँ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • इसमें एक कार्य के पूरा होने या होने की स्थिति में दूसरा कार्य होने का भाव रहता है।

उदाहरण

यदि तुम पढोगे, तो पास हो जाओगे 

  • यदि तुम पढोगे = शर्त/हेतु
  • तो पास हो जाओगे = परिणाम

यहाँ पढ़ोगे केवल भविष्य में होने वाली क्रिया नहीं है, बल्कि यह पास होने की शर्त/हेतु है। इसलिए इसमें एक भविष्य की क्रिया दूसरी भविष्य की क्रिया का आधार बन रही है। इसी कारण यह हेतुहेतुमद् भविष्य काल है।

हेतुहेतुमद् भविष्य काल अन्य उदाहरण – 

  • यदि तुम मेहनत करोगे, तो परीक्षा में सफल हो जाओगे।
  • यदि राम पढ़ाई करेगा, तो वह अच्छे अंक प्राप्त करेगा।
  • यदि तुम समय पर आओगे, तो हम साथ में बाजार जाएँगे।
  • यदि वर्षा होगी, तो फसल अच्छी होगी।
  • यदि वह जल्दी निकलेंगे, तो ट्रेन पकड़ लेंगे।

हेतुहेतुमद् भविष्य काल FAQs-

प्रश्न- भविष्य काल किसे कहते है? 

उत्तर- आने वाले समय में होने वाली क्रिया या घटना को भविष्य काल कहते है

प्रश्न- हिन्दी व्याकरण में भविष्य काल के कितने भेद होते है?

उत्तर- हिन्दी व्याकरण में भविष्य काल के मुख्यतः 3 भेद होते है

प्रश्न- सामान्य भविष्य काल किसे कहते है?

उत्तर- जिस वाक्य से भविष्य में किसी कार्य के सामान्य रूप से होने का बोध हो, उसे सामान्य भविष्य काल कहते हैं

प्रश्न- मैं कल विद्यालय जाऊँगा यह कौन सा भविष्य काल है?

उत्तर- सामान्य भविष्य काल

प्रश्न- जिस वाक्य में भविष्य में किसी कार्य के होने की संभावना, अनुमान या आशंका व्यक्त हो वहाँ कौन सा भविष्य काल होता है?

उत्तर- संभाव्य भविष्य काल

प्रश्न- हेतुहेतुमद् भविष्य काल किसे कहते है?

उत्तर- जिस वाक्य में भविष्य में होने वाली एक क्रिया दूसरी क्रिया के होने की शर्त या कारण पर निर्भर हो, उसे हेतुहेतुमद् भविष्य काल कहते हैI

 

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