वक्रोक्ति अलंकार किसे कहते है? अर्थ, परिभाषा, भेद,और उदाहरण – हिन्दी व्याकरण
वक्रोक्ति अलंकार किसे कहते है-
वक्रोक्ति 2 शब्दों से मिलकर बना है – वक्र + उक्ति
- वक्र = टेढ़ा हुआ या अप्रत्यक्ष
- उक्ति = कथन या बात
अर्थात टेढ़े या अप्रत्यक्ष ढंग से कही गई बात को वक्रोक्ति कहते है
परिभाषा – जहाँ किसी कथन का वक्ता एक अर्थ में प्रयोग करता है, लेकिन सुनने वाला उसमे दूसरा अर्थ ग्रहण करके उत्तर देता है, उसे वक्रोक्ति अलंकार कहते है।
सरल शब्दों में – जहाँ वक्ता द्वारा कही गई बात को श्रोता किसी अन्य अर्थ में समझ ले वहाँ वक्रोक्ति अलंकार होता है।
उदाहरण –
कौन द्वार पर? हरि मैं राधे!
क्या वानर का काम यहाँ?
राधा भीतर से पूछती है-बाहर तुम कौन हो? कृष्ण उत्तर देते हैं-राधे मैं हरि हूँ। राधा हरि का अर्थ कृष्ण न लगाकर वानर लगाती है और कहती है कि इस नगर में वानर का क्या काम? कृष्ण द्वारा एक अर्थ में कहे गये हरि शब्द का राधा दूसरा अर्थ वानर कल्पित करती है। अतः यह वक्रोक्ति अलंकार है।
अन्य उदाहरण –
- कौ तुम? हैं घनश्याम हम। तो बरसों कित जाई।
- मै सुकुमारि नाथ बन जोगू। तुमहि उचित तप, मो कह भोगू।
- राम जाओ मत बैठो
- मै सुकुमारी नाथ जन जोगू
- तुम तो बड़े समय के पाबंद हो!
- वाह! तुमने तो बहुत अच्छा काम किया।
- आज तो सूरज पश्चिम से निकला है
- आपकी कृपा से तो मेरा काम और भी बिगड़ गया
वक्रोक्ति अलंकार की मुख्य विशेषता-
- इसमें बातो को सीधा न कहकर घुमाकर चतुराई से कहा जाता है
- इसमें वक्ता के द्वारा कहा गया अर्थ और श्रोता के द्वारा ग्रहण किया गया अर्थ अलग – अलग होता है
- वक्रोक्ति अलंकार में प्रायः दो व्यक्तियों के संवाद के माध्यम से चमत्कार उत्पन्न होता है
- इसमें बात को सीधे ढंग से कहने से बजाय विशेष ढंग से प्रस्तुत किया जाता है
वक्रोक्ति अलंकार के भेद –
वक्रोक्ति अलंकार के मुख्य रूप से दो ( 2 ) भेद होते है-
- काकु वक्रोक्ति अलंकार
- श्लेष वक्रोक्ति अलंकार
इन दोनों को विस्तार से समझते है –
1. काकु वक्रोक्ति अलंकार –
यहाँ काकु का अर्थ है = स्वर या आवाज में विशेष परिवर्तन
परिभाषा – जब स्वर, लहजे या बोलने के ढंग में परिवर्तन के कारण कथन का अर्थ बदल जाए, वहाँ काकु वक्रोक्ति अलंकार होता है।
उदाहरण –
तुम बहुत बुद्धिमान हो
अगर किसी मुर्ख व्यक्ति से यह व्यंग्यात्मक स्वर में कहा जाए तो इसका वास्तविक अर्थ होगा कि तुम बिल्कुल बुद्धिमान नही हो। अतः यह काकु वक्रोक्ति अलंकार है
काकु वक्रोक्ति अलंकार के अन्य उदाहरण –
- वाह! तुमने तो बहुत अच्छा काम किया!
- आप तो बड़े समय के पाबंद हैं!
- क्या खूब न्याय किया आपने!
- मै सुकुमारी नाथ जन जोगू
- बहुत अच्छे! यही करना बाकी रह गया था।
2. श्लेष वक्रोक्ति अलंकार-
परिभाषा – जहाँ पर श्लेष की वजह से वक्ता द्वारा बोले गए शब्दों का अलग अर्थ निकला जाए वहाँ श्लेष वक्रोक्ति अलंकार होता है।
एक शब्द → दो या अधिक अर्थ → कथन का अर्थ बदल जाना = श्लेष वक्रोक्ति अलंकार
उदाहरण –
आज राजा का दर्शन हुआ
यहाँ राजा शब्द का प्रयोग किसी व्यक्ति के लिए किया गया हो सकता है, लेकिन संदर्भ के अनुसार सुनने वाला राजा का दूसरा अर्थ ग्रहण कर सकता है। अतः यह श्लेष वक्रोक्ति अलंकार है।
अन्य उदाहरण –
- कौ तुम? हैं घनश्याम हम। तो बरसों कित जाई।
- कौन द्वार पर, राधे मैं हरि।
काकु वक्रोक्ति और श्लेष वक्रोक्ति अलंकार में अंतर-
काकु वक्रोक्ति = स्वर/लहजे के कारण दूसरा अर्थ।
श्लेष वक्रोक्ति = एक शब्द के अनेक अर्थों के कारण दूसरा अर्थ।
नीचे दिए गए चार्ट में इन दोनों के अंतर को समझाया गया है –
| आधार | काकु वक्रोक्ति अलंकार | श्लेष वक्रोक्ति अलंकार |
|---|---|---|
| अर्थ | जब स्वर, बोलने के ढंग या लहजे से कथन का अर्थ बदल जाए। | जब एक शब्द के अनेक अर्थों के कारण कथन का दूसरा अर्थ ग्रहण किया जाए। |
| मुख्य आधार | स्वर/लहजा | शब्द के अनेक अर्थ |
| शब्द का रूप | सामान्यतः शब्द वही रहता है, लेकिन स्वर बदलने से अर्थ बदलता है। | एक ही शब्द अपने अलग-अलग अर्थों के कारण चमत्कार पैदा करता है। |
| अर्थ-परिवर्तन | बोलने के ढंग से होता है। | शब्द के अनेक अर्थों से होता है। |
| उदाहरण | “वाह! तुम तो बहुत बुद्धिमान हो!” — मूर्खता करने वाले व्यक्ति से व्यंग्य में कहा गया। | “कौन आया?” — “हरि।” — ‘हरि’ का अर्थ भगवान तथा सिंह दोनों हो सकता है। |
| पहचान | स्वर बदलो → अर्थ बदलता है। | शब्द का दूसरा अर्थ लो → अर्थ बदलता है। |
वक्रोक्ति अलंकार FAQs-
प्रश्न- वक्रोक्ति अलंकार किसे कहते है?
उत्तर- जहाँ वक्ता द्वारा कही गई बात को श्रोता किसी अन्य अर्थ में समझ ले उसे वक्रोक्ति अलंकार कहते है
प्रश्न- वक्रोक्ति अलंकार के कितने भेद होते है?
उत्तर- वक्रोक्ति अलंकार मुख्य रूप से दो ( 2 ) भेद होते है – 1. काकु वक्रोक्ति अलंकार 2. श्लेष वक्रोक्ति अलंकार
प्रश्न- काकु वक्रोक्ति अलंकार में “काकु’ का अर्थ क्या होता है?
उत्तर- स्वर या आवाज में विशेष परिवर्तन
