कर्तृवाच्य किसे कहते है? अर्थ, परिभाषा और उदाहरण
कर्तृवाच्य किसे कहते है?
परिभाषा – जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है और क्रिया के द्वारा कर्ता के कार्य करने का बोध होता है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं।
सरल शब्दों में – जिस वाक्य में कर्ता प्रधान होता है उसे कर्तृवाच्य कहते है।
- कर्तृवाच्य में सकर्मक एवं अकर्मक क्रिया दोनों हो सकती है।
उदाहरण –
- मोहन खाना खाता है।
इस वाक्य में खाना खाने का काम मोहन के द्वारा किया जा रहा है। यहाँ मुख्य रूप से मोहन के कार्य को बताया गया है।
अतः यह कर्तृवाच्य है।
कर्तृवाच्य का अर्थ –
कर्तृवाच्य शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है।
कर्ता + वाच्य = कर्तृवाच्य
यहाँ –
कर्ता = कार्य करने वाला
वाच्य = क्रिया के माध्यम से प्रधानता का बोध
अर्थात् जिस वाच्य में कार्य करने वाला व्यक्ति या वस्तु प्रधान होती है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं।
कर्तृवाच्य की पहचान कैसे करें ?
किसी भी वाक्य में कर्तृवाच्य पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि वाक्य में क्रिया से संबंधित प्रश्न करें।
जैसे- कौन काम कर रहा है। या काम कौन कर रहा है।
यदि उत्तर वाक्य में स्पष्ट रूप से मिल जाता है और कर्ता प्रधान होता है, तो वह कर्तृवाच्य होता है।
उदाहरण –
- राम क्रिकेट खेलता है।
प्रश्न – क्रिकेट कौन खेलता है?
उत्तर – राम
यहाँ पर उत्तर सपष्ट हो रहा है कि क्रिकेट खेलने का काम राम कर रहा है। तो इस वाक्य में कर्ता प्रधान है और यह कर्तृवाच्य है।
कर्तृवाच्य में कर्ता क्या होता है?
जो व्यक्ति, वस्तु या प्राणी किसी कार्य को करता है, उसे कर्ता कहते हैं।
- उदाहरण –
सीता खाना बनाती है।
यहाँ सीता खाना बनाने का कार्य का रही है अतः इस वाक्य में सीता कर्ता है और यह वाक्य कर्तृवाच्य है।
- मोहन क्रिकेट खेलता है। ( कर्ता = मोहन )
- किसान खेत जोतता है। ( कर्ता = किसान )
- राधा नाचती है। ( कर्ता = राधा )
- माली फूल तोड़ता है। ( कर्ता = माली )
- सीता बाजार जाती है। ( कर्ता = सीता )
कर्तृवाच्य में कर्म होना आवश्यक है या नहीं?
कर्तृवाच्य के कर्म का होना आवश्यक नही होता है।
- कर्तृवाच्य के वाक्य सकर्मक तथा अकर्मक क्रिया दोनों से बन सकते है।
सकर्मक क्रिया वाला कर्तृवाच्य का उदाहरण –
- राहुल क्रिकेट खेलता है।
राहुल = कर्ता
खेलता = मुख्याक्रिया
क्रिकेट = कर्म
अकर्मक क्रिया वाला कर्तृवाच्य का उदाहरण –
- राहुल दौड़ता है।
कर्ता = राहुल
क्रिया = दौड़ता
कर्म = इसमें कोई कर्म नही है
इस वाक्य में कोई भी कर्म नही है फिर भी यह कर्तृवाच्य है।
कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य में अंतर
कर्तृवाच्य में कर्ता की प्रधानता होती है और कर्मवाच्य में कर्म की प्रधानता होती है।
कर्तृवाच्य का उदाहरण-
- सीता पत्र लिखती है।
इस वाक्य में सीता प्रधान है इसीलिए यह कर्तृवाच्य है।
कर्मवाच्य का उदाहरण-
- पत्र सीता द्वारा लिखा जाता है।
इस वाक्य में पत्र प्रधान है इसीलिए यह कर्मवाच्य है।
कर्तृवाच्य के उदाहरण –
- राम स्कूल जाता है।
- सीता ढोलक बजती है।
- मोहन सड़क पर गाड़ी चलता है।
- राधा नाचती है।
- बच्चे स्कूल जाते है।
- पिताजी समाचार पत्र पढ़ते है।
- गीता ने खाना बनाया।
- पक्षी आकाश में उड़ते है।
- पुलिस ने चोर को पकड़ा।
- सूर्य पूर्व दिशा में निकला।
कर्तृवाच्य FAQs
प्रश्न- कर्तृवाच्य किसे कहते है?
उत्तर- जिस वाक्य में कर्ता प्रधान होता है उसे कर्तृवाच्य कहते है।
प्रश्न- राम क्रिकेट खेलता है, में किसकी प्रधानता है?
उत्तर- राम की प्रधानता है
प्रश्न- कर्तृवाच्य की पहचान कैसे करें?
उत्तर- वाक्य में क्रिया से प्रश्न करें— “काम कौन कर रहा है?” यदि कर्ता प्रधान रूप में सामने आता है, तो वाक्य कर्तृवाच्य होता है।
Check: सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण