संबंधबोधक किसे कहते है? – परिभाषा, भेद और उदाहरण, Preposition in Hindi

परिभाषा – जो अव्यय शब्द वाक्य में किसी संज्ञा सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ बताते है उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते है।

जैसेअंदर, बहार, दूर, पास, आगे, पीछे बिना, ऊपर, नीचे आदि।

संबंधबोधक अव्यय के उदाहरण –

राम के साथ श्याम गया।

पुस्तक मेज के ऊपर रखी है।

वह घर के बाहर खड़ा है।

मोहन विद्यालय तक गया।

मेरे घर के पीछे बगीचा है।

इन सभी उदाहरणों में के साथ, के ऊपर, के बाहर, तक, के पीछे शब्द संबंधबोधक अव्यय है जो संज्ञा /सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ बता रहे है |

संबंधबोधक अव्यय के भेद

संबंधबोधक अव्यय के मुख्यतः दस ( 10 ) भेद होते है।

  1.  कालवाचक संबंधबोधक
  2.  स्थानवाचक संबंधबोधक
  3.  दिशाबोधक संबंधबोधक
  4. साधनवाचक संबंधबोधक
  5. विरोधसूचक संबंधबोधक
  6. समतासूचक संबंधबोधक
  7. हेतुवाचक संबंधबोधक
  8. सहचरसूचक संबंधबोधक
  9. विषयवाचक संबंधबोधक
  10. कारणवाचक संबंधबोधक       

1) कालवाचक संबंधबोधक

परिभाषा– जिन शब्दों से समय का पता चलता है उसे कालवाचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे – पहले, बाद, आगे, पीछे, उपरांत आदि।

उदाहरण

  • राम से पहले श्याम आया।
  • सीता के बाद गीता ने खाना खाया।
  • ट्रेन समय से पहले आई।
  • भोजन करने के उपरांत वह सो गया।

इन सभी उदाहरणों में पहले, बाद, उपरांत शब्द कालवाचक संबंधबोधक है।

3) स्थानवाचक संबंधबोधक

पहचान – जिन अव्यय शब्दों से स्थान का बोध हो उसे स्थानवाचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे – आगे, पीछे, नीचे, सामने, नजदीक, यहाँ, बीच, बाहर, दूर आदि।

उदाहरण

  • रूही, वीर के पीछे खडी है।
  • मंदिर के पास मेरा घर है।
  • राहुल विद्यालय के बाहर खड़ा है।
  • पुस्तक बैग के अंदर रखी है।
  • दुकान सड़क के किनारे है।

इन सभी उदाहरणों में पीछे, पास, बाहर, अंदर, किनारे शब्द स्थानवाचक संबंधबोधक है।

3) दिशाबोधक संबंधबोधक

पहचान– जिन अव्यय शब्दों से दिशा का बोध हो उसे दिशाबोधक संबंधबोधक कहते है।

जैसे- ओर, तरफ, पार, प्रति, आरपार, आसपास, निकट, समीप, सामने आदि।

उदाहरण –

  • घर के आसपास ही रहना।
  • नदी के उस पार जंगल है।
  • बच्चे मैदान की तरफ दौड़ पड़े।
  • राम बाजार की ओर जा रहा है।
  • वह गाँव की दिशा में चला गया।

इन सभी उदाहरणों में आसपास, उस पार, तरफ, ओर, दिशा शब्द दिशाबोधक संबंधबोधक है।

4) साधनवाचक संबंधबोधक

पहचान-  जिन अव्यय शब्दों से साधन का बोध हो उन्हें साधनवाचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे- द्वारा, जरिए, हाथ, बल, कर, माध्यम, सहारे,  से द्वारा, के द्वारा आदि।

उदाहरण-

  • राम बस से विद्यालय जाता है।
  • राम के सहारे यह काम होगा।
  • उसने इंटरनेट के माध्यम से जानकारी प्राप्त की।
  • समाचार के द्वारा लोगों को जानकारी दी गई।
  • हम मोबाइल के माध्यम से एक-दूसरे से बात करते हैं।

इन सभी उदाहरणों में से, के सहारे, माध्यम, द्वारा शब्द साधनवाचक संबंधबोधक है।

5) विरोधसूचक संबंधबोधक

पहचान- जिन अव्यय शब्दों से विरोध अथवा विपरीत होने का संबंध प्रकट हो, उसे विरोधसूचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे- के विरुद्ध, के विपरीत, के खिलाफ, के बावजूद आदि शब्द।

उदाहरण –

  • वह अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाता है।
  • सभी लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं।
  • कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने सफलता प्राप्त की।
  • नियमों के विरुद्ध कार्य करना उचित नहीं है।
  • वह मेरे विचारों के विपरीत बोल रहा है।

इन सभी उदाहरणों में के विरुद्ध, के खिलाफ, के बावजूद, के विपरीत शब्द विरोधसूचक संबंधबोधक है।

6) समतासूचक संबंधबोधक

पहचान- जिन अव्यय शब्दों से दो व्यक्तियों, वस्तुओं या स्थितियों के बीच समानता, बराबरी या तुलना का संबंध प्रकट होता है, उन्हें समतासूचक सम्बन्धबोधक कहते हैं।

जैसे- समान, तरह, भाँति, देखादेखी, ऐसा, जैसा, मुताबिक आदि।

उदाहरण –

  • सीता की तरह गीता भी सुंदर है।
  • राहुल मेरे मुताबिक ही काम करता है।
  • सीता अपनी बहन की तरह सुंदर है।
  • मोहन शेर के समान बहादुर है।
  • यह पत्थर लोहे के बराबर भारी है।

इन सभी उदाहरणों में तरह, मुताबिक, समान, बराबर शब्द समतासूचक संबंधबोधक है।

7) हेतुवाचक संबंधबोधक

पहचान –  जिन सम्बन्धबोधक अव्ययों से किसी कार्य के कारण, हेतु या वजह का संबंध प्रकट होता है, उन्हें हेतुवाचक सम्बन्धबोधक कहते हैं।

जैसे- लिए, हेतु, खातिर, कारण,  रहित, सिवा, अतिरिक्त आदि।

उदाहरण-

  • उसने मेरे खातिर अपना घर छोड़ दिया।
  • मेरे सिवा कमरे में कोई नही था।
  • तेज धूप के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकले।
  • बाढ़ के चलते कई गाँव प्रभावित हुए।
  • मेरे अतिरिक्त स्कूल में कोई नही था।

इन सभी उदाहरणों में खातिर, सिवा, चलते, अतिरिक्त शब्द हेतुवाचक संबंधबोधक है।

8) सहचरसूचक संबंधबोधक

पहचान – अव्ययों से किसी व्यक्ति या वस्तु के साथ किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु के होने, मिलने अथवा साथ रहने का संबंध प्रकट होता है, उन्हें सहचरसूचक सम्बन्धबोधक कहते हैं।

जैसे- संग, साथ, समेत, सहित, पूर्वक, अधीन आदि।

उदाहरण –

  • वह मेरे साथ गई।
  • चादर समेत गद्दा उठा लो।
  • बारात दूल्हे के साथ गाँव पहुँची।
  • वह अपने माता-पिता के संग यात्रा पर गया।
  • सभी सामान के सहित वह घर पहुँचा।

इन सभी उदाहरणों में साथ, समेत, संग, सहित शब्द सहचरसूचक संबंधबोधक है।

9) विषयवाचक संबंधबोधक

पहचान – जिन अव्यय शब्दों से विषय की जानकारी प्राप्त हो उसे विषयवाचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे- के बारे, बाबत, के विषय, के संबंध अदि।

उदाहरण –

  • जवाहरलाल नेहरु जी के बारे में बहुत कुछ कहा गया है।
  • मोहन की बाबत बात करने आया हूँ।
  • शिक्षक ने पर्यावरण के बारे में बताया।
  • उसने अपने भविष्य के विषय में सोचा।
  • बैठक में शिक्षा व्यवस्था के संबंध में चर्चा हुई।

इन सभी उदाहरणों में के बारे, बाबत, के बारे, के विषय, के संबंध शब्द विषयवाचक संबंधबोधक है।

10) कारणवाचक संबंधबोधक

पहचान-  जो अव्यय शब्द किसी कारण का बोध कराते है, उन्हें कारणवाचक संबंधबोधक कहते है।

जैसे- हेतु, वास्ते, निमित, खातिर, कारण, वजह आदि।

उदाहरण –

  • राम श्याम के कारण चला गया।
  • वह मेरे खातिर आम लाया।
  • बीमारी की वजह से वह विद्यालय नहीं गया।
  • तेज धूप के कारण लोग परेशान हो गए।
  • परिश्रम के फलस्वरूप विद्यार्थी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इन सभी उदाहरणों में कारण, खातिर, वजह, फलस्वरूप शब्द कारणवाचक संबंधबोधक है।

 
July 2026 Current affairs