द्वंद्व समास किसे कहते है? – परिभाषा, प्रकार, उदहारण और उपयोग

द्वंद्व समास किसे कहते है?

जिस समस्त पद का दोनों पद प्रधान हो तथा विग्रह करने पर और अथवा या आता हो वहाँ द्वंद्व समास होता है | द्वंद्व समास के दोनों पदों में प्रायः योजक चिह्न का प्रयोग होता है |

समस्त पद विग्रह
माता-पिता माता और पिता
भाई-बहन भाई और बहन
दिन-रात दिन और रात
सुख-दुःख सुख और दुःख
नर-नारी नर और नारी
राजा-रानी राजा और रानी
देश-विदेश देश और विदेश
अन्न-जल अन्न और जल
पाप-पुण्य पाप और पुण्य
लाभ-हानि लाभ और हानि
जीवन-मरण जीवन और मरण
राधा-कृष्ण राधा और कृष्ण
राम-लक्ष्मण राम और लक्ष्मण
सीता-राम सीता और राम
छोटा-बड़ा छोटा और बड़ा
काला-गोरा काला और गोरा
आगे-पीछे आगे और पीछे
ऊँच-नीच ऊँच और नीच
नर-नारी नर और नारी
घर-बाहर घर और बाहर

कपडा – लत्ता        कपडा और लत्ता 

दस – बीस           दस या बीस 

पंद्रह                  दस और पाँच 

द्वंद्व समास के मुख्य तीन भेद होते है – 

  1. इतरेतर द्वंद्व समास
  2. समाहार द्वंद्व समास
  3. वैकल्पिक द्वंद्व समास

इतरेतर द्वंद्व समास इसमें दोनों पद प्रधान और स्वतंत्र होते हैं और विग्रह करने पर बीच में ‘और’ शब्द आता है | 

उदाहरण – 

राम – लक्ष्मण

 कृष्ण-सुदामा

राधा-कृष्ण

दाल-चावल 

हाथ-पांव

नर-नारी 

पति-पत्नी

सूर्य-चन्द्र 

भाई – बहन 

माता – पिता

समाहार द्वंद्व समास जिस द्वंद्व समास में दो या दो से अधिक पदों के समूह का बोध हो तथा समस्त पद का अर्थ उन सभी पदों के समूह के रूप में प्रकट हो, उसे समाहार द्वंद्व समास कहते हैं।

उदाहरण- 

दाल – रोटी 

कंकड़ – पत्थर 

घास – फूस 

कीड़ा – मकौड़ा

पेड़ – पौधे

रुपया – पैसा 

राग – द्वेष

तन – मन

वैकल्पिक द्वंद्व समासजिस द्वंद्व समास में विलोम शब्द का बोध हो और विग्रह करने पर ‘या’ अथवा ‘अथवा’ का प्रयोग होता है तो वहाँ वैकल्पिक द्वंद्व समास होता है

उदाहरण – 

पाप-पुण्य 

जीवन-मरण

आज-कल

देश-विदेश

भला – बुरा 

खरा – खोटा ‘

 
July 2026 Current affairs